पहले भी 5 बार प्रकृति जीवन को सामूहिक विनाश के कगार तक पहुंचा चुकी है। और 6th corona virus

The sixth Major Mass Extinction

क्या यह कहना गलत है। कि हम छठे बड़े सामूहिक विलोपन के बीच हैं। कई वैज्ञानिको का ये मानना हैं कि हम हैं। मनुष्यों के विकास के बाद से कई ज्ञात प्रजातियां खो गई हैं। हालांकि इन सामूहिक विलुप्त होने की प्रक्रियाओं में लाखों साल लग जाते हैं, शायद हम अभी छठे बड़े सामूहिक विलुप्त होने की घटना को देख रहे हैं। मनुष्य जीवित बचेंगे या नहीं यह अभी तक निर्धारित नहीं किया गया है। पुरे दुनिया भर में lockdown की स्तिथि बानी है।

संयुक्त राष्ट्रके पर्यावरण प्रमुख Inger Andersen का बयान :-प्रकृति हमें कोरोना वायरस और क्लाइमेट चेंज के जरिये हमे सन्देश भेज रही है। उन्होंने ये भी कहा हमने एक के बाद एक कई हानिकारक चीजे करके प्रकृति पे बहत सारे दबाव दाल दिए थे। और अब प्रकृति अपना बदला लेरही है। Andersen ने कहा हमें पहले भी कई बार चेतावनी मिली है। जरुरत से ज्यादा बढ़ता तापमान। मौसम में बदलाव। जैसे पहले एबोला ,स्वाइन फ्लू ,बर्ड फ्लू ,सार्स ,मर्स ,जीका वायरस और अब कोरोना वायरस ऐसा लग रहा है। मनो वायरस इम्पायर एक एक कर के आपने हथियार मानव पर चेक कर रहा हो।

कई बैज्ञानिको का कहना है covid19 का प्रकोप एक स्पष्ट चेतावनी है। जो बताता है आया जीवो में घातक बीमारिया मौजूद है। और मनुष्य आगसे खेल रहा है। इससे पहले कभी जंगली और घरेलू जानवरो से होतेहुए कोई संक्रमण इस हद तक इंसानो में नहीं फैला था। हालांकि 75% संक्रमण जानवरो से ही फैलते है। अबतो यही लग रहा है। Nature अपना बदला लेरही है। ऐसा लगरहा है के मानो की nature अपने आपको रिबूट की स्थिति में लेजारही हो ।

पहले भी 5 सामूहिक विनाश तक पहच चुकी है मानव जाती।

Cretaceous-Tertiary Mass Extinction. (The Fifth Major Mass Extinction)

आजसे तक़रीबन 66 million साल पहले Cretaceous-युग के आंत में 76% प्रजातया बिलुप्त हो गई थी पृथ्वी पर से। अत्यधिक क्षुद्रग्रह या उल्का प्रभाव के कारन से हुआ था। विशाल अंतरिक्ष चट्टानों ने पृथ्वी को मारा और हवा में मलबे को भेजा, प्रभावी रूप से एक “प्रभाव सर्दियों” का उत्पादन किया जिसने पूरे ग्रह में जलवायु को काफी बदल दिया।

Triassic-Jurassic Mass Extinction (The Fourth Major Mass Extinction)

आजसे तक़रीबन 200 million साल पहले मेसोजोइक युग की आंत में आया। इस समय basalt floods, global climate change और बदलते pH और समुद्र के स्तर के साथ प्रमुख ज्वालामुखी गतिविधि के कारन इसमें 80% जिव जंतु बिलुप्त हो गए।

Permian Mass Extinction (The Third Major Mass Extinction)

आज से लगभग 250 million वर्ष पहले पेलियोज़ोइक युग का पर्मियन काल में 96% प्रजातियों का सामूहिक विनाश होगया था। इसके कारन बने थे। क्षुद्रग्रह प्रहार, ज्वालामुखी गतिविधि,जलवायु परिवर्तन, और रोगाणु इन सब को वजह से सामूहिक विनाश होगया था।

Devonian Mass Extinction (The Second Major Mass Extinction)

आजसे लगभग 375 मिलियन वर्ष पहले पैलियोज़ोइक युग का देवोनियन काल में महासागरों में ऑक्सीजन की कमी, हवा के तापमान का त्वरित ठंडा होना, ज्वालामुखी विस्फोट और / या उल्का हमले में लगभग 80% सभी जीवित प्रजातिया बिलुप्त होगई।

Ordovician Mass Extinction (The First Major Mass Extinction)

आज से लगभग 440 मिलियन वर्ष पहले पेलियोज़ोइक युग का ऑर्डोवियन काल में महाद्वीपीय बहाव और बाद में जलवायु परिवर्तन के कारन 85% तक सभी जीवित प्रजातियों का सफाया होगया था।

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *