Petrol का निर्माण कैसे होता है। और कैसे आपकी गाड़ियों तक जाता है।

पेट्रोल एक लैटिन भाषा का शब्द है। जिसका अर्थ है। चट्टानों से निकलने वाला तेल। ये हमें काले और गाढ़े तरल पदार्थ के रूपमें मिलता है। जिसे पेट्रोलियम भी कहा जाता है। petrol और diesel का इस्तामल बड़े पैमाने पर किया जाता है। ये एक बहत ही बहुमूल्य पदार्थो मेसे है। क्युकी सरे बड़े बड़े truck, car, bike और भी कई बस्तु इसी के सहारे चलते है। कुछ देशो में पेट्रोल और डीजल का price बहत अधिक होता है। और वही जहा इसका उत्पाद होता है। वह इसकी price काफी काम होती है।

कैसे बनता है पैट्रोल।

पेट्रोलियम जसमुद्रो और जमीनों के निचे पाया जाता है। पृथ्वी के गहराईमे , दबाव बहुत ज्यादा है। जिसकी वजह से पेट्रोलियम धीरे-धीरे सतह की ओर बढ़ता है, जहां दबाव कम होता है। यह आगे बढ़ना जारी रखता है जब तक कि यह चट्टान की एक परत का सामना नहीं करता है। जो अभेद्य है। पेट्रोलियम तब जलाशयों में इकठा होता है, जो जमीन की सतह से कई सौ मीटर नीचे हो सकता है।

इसके पीछे का कारन ये है। हजारो लाखो सालो पहले पृथ्वी के उथल पुथल के कारन। पौधे और जानवर जमीन के निचे डाब गए। दबाव और गर्मी के कारन वो मृत पौधे और जानवर खनिज में तब्दील हो गए। पेट्रोलियम के कुंए होते है। जो के समुद्र में पैजाते है।

क्या क्या बनायाजाता है पेट्रोलियम से

जमीन से निकाले गए इस कच्चे तेल में petro ,diesel ,kerosene इतियादी चीजे होती है। इन कच्चे तेलको कारखानों में लेजा कर साफ किया जाता है। इस कारखानों को रिफायनरीज कहते है। जहा कच्चे तेलों को अलग अलग तापमान में गरम किया जाता है। उसके बाद पेट्रोल ,डीजल और केरोसिन सब को अलग अलग निकल लिया जाता है। पेट्रोल का सबसे जयादा उत्पादन अरब देशो में होता है। जो की नंबर 1 पे है। और उसके बाद अमीरिका और रूश में भी होता है।

गैसोलीन नामक एक गैस होती है। उसकी निर्माण प्रक्रिया इसके मुखिये सामगृह से शुरू होती है। जो की है crude oil .है। ये वही क्रूड आयल है जिससे डीजल ,पेट्रोल मोम इतियादी निकलती है। क्रूड आयल एक चिपचिपा तरल पदार्थ है। जो पेट्रोलियम से उत्पन्न होने वाले उत्पादो का आधार मन जाता है।

कच्चा तेल एक प्राकृतिक रूप में पयजाने वाल तरल है। जो की चटानी आकर में पाया जाता है। जमीं से कच्चा तेल निकलने के लिए। तेल के भंडार में गहरे कुए खोद के उसे बाहर निकलती है। और इसके बाद कच्चे तेल को रिफाइनरी में लेजाया जाता है। और फाइनल लैब टेस्ट के बाद आपके नजदीकी पेट्रोल पंप तक भेज दिया जाता है।

तो इस प्रकार से petrol बनता है। पहले चाटने से कच्चा तेल , फिर क्रूड आयल, और फिर फिल्ट्रेशन प्लांट में लेजाया जाता है। जहा हर प्रकार के पेट्रोलियम प्रोडक्ट को अलग थलग किया जाता है। जिसमे केरोसिन ,जेट-आयल ,डीजल ,पेट्रोल जैसी प्रोडक्ट निकलती है। इसके बाद फाइनल फिल्ट्रेशन कर के पेट्रोल पुम में भेज दिया जाता है।

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