क्या Whats-App एक बीमारी है या एक वरदान है

Whats-App एक बीमारी
Whats-App एक बीमारी

Whats-App एक वरदान है या एक ऐसी बीमारी ,परेशानी बन गई है।

आज कल के लोगो के लिए और इसबात का उनको पता भी नहीं है।

ये बीमारी आज सभी के घरो में घुस गई है।

पुरे हिंदुस्तान में स्मार्ट फ़ोन उसेर्स को ये बीमारी ने अपने चपेट में ले लिया है।

Whats-App क्या है ? एक बीमारी है

ये एक एप्लीकेशन है जिससे हम internet के माध्यम से मैसेज भेज सकते है।

इसको बनाने वाले का नाम है Jan Koum , Brian Acton .

ये दोनों yahoo के employee थे।

ये दोनों जब Facebook से नौकरी मांगने गए थे तब Facebook ने अयोग्य बता

के नौकरी देने से मन कर दिया।

2014 में उसी Facebook ने $19 billion में ख़रीदा।

उसके बाद Facebook,Instagram और Whats-App का एक ही मालिक होगया।

अगर आकड़ा देखे तो सिर्फ Whats-App के यूजर 1.5 billion है।

जिसमे 1 billion active यूजर है व्हाट्सप्प के।65 से ज्यादा लैंग्वेज में Whats-App को चलाया जा रहा है।

दुनिया भर में सबसे ज्यादा Whats-App use करले वाला देश india ही है।

यहाँ पे सबसे ज्यादा Whats-App video call की जाती है।

एक आम आदमी पुरे दिन में लगभग 3 घंटे सिर्फ Whats-App में बिता रहा है।

Whats-App से हो रही घटनाओ को देखते हुए 12 देशो ने Whats-App को बैन करदिया है।

इन देशो ने Whats-App को बैन करदिया है।

  • China
  • North Korea
  • Iran
  • Syria
  • Qatar
  • United Arab Emirates
  • Cuba
  • Brazil

Whats-App की सबसे बड़ी प्रोब्लेम्स

1 Adultery
2 low productivity
3 family values
4 miss guide

Whats-App कैसे हमारी पर्सनल लाइफ ख़तम कर रहा है।

हम सोच भी नहीं सकते Whats-App हमारे साथ क्या कर रहा है।

लोगो को लत लग गई है व्हाट्सप्प की।

बिना Whats-App के लोग नहीं रह सकते ऐसा लगता है। एक बीमारी है

कई केसेस ऐसे आते है जिसमे व्हाट्सप्प यूज़ करने के वाहह से घरमे लड़ाई के माहौल बनना।

Italy में 40% divorce के पीछे किसी न किसी वजह से व्हाट्सप्प तोहे है।

दुनिया में कही भी दंगे भड़कने का आतंकी हमलो के पीछे डायरेक्टली या इनडायरेक्टली Whats-App बहत बड़ा योगदान होता है।

Whats-App के माध्यम से हर घर के प्रत्येक ब्यक्ति तक adultery पोहच गई है।

एक स्कूल टीचर के हिसाब से 90% 5th class के बच्चे पोर्न देख चुके होते है।

इतनी काम उमर में इतनी एक्सपोज़र देदे और सैयम ना दे के कब कोनसी चीजों का उपयोग करना है।

तभी गलत राह भटकते है

कैसे हमारी फॅमिली और कल्चर को ख़तम कर रहा है।

99% हाउस वाइफ बच्चे और हस्बैंड के जाने के बाद यतो Whats-App पे लगी रहती है या तो सोशल मीडिया पे।

नतीजा extra marital relationships हो रही है। एक बीमारी है

खुद से dissatisfaction हो रही है यही कारन है के comparison और competition की भावना पैदा हो रही है।

और इन्ही के वजह से अपने ही परिवार से असंतुस्ट होते जा रहे है।

कैसे हमारी productivity को ख़तम कर रहा है।

लोग पुरे दिन मोबाइल पे रहते है। हम् मेसे कैयो की ये आदत है एक बीमारी है।

सुभे उठते ही पहले फ़ोन पेही हाथ मारते है .और रातमे भी फ़ोन क साथ ही सोते है।

कैयो का कहना है। के बिज़नेस के लिए यूज़ करते है। वर्क प्लेस पे हर आदमी अपना व्हाट्सप्प चालू रखता है।

इससे ये होता है जैसेही अपने काम में ध्यान लगाया तुरंत एक व्हाट्सप्प मैसेज आया और आप डिस्ट्रक्ट होगए।

इससे काम करने की क्षमता काम होजाती है। हम ज्यादा productive नहीं होपाते।

एक रिसर्च के हिसाब से एक एम्प्लॉय 9 :00 से 6 :00 के जॉब में सिर्फ 3 :30 घंटे काम कर रहा है।

वो सिर्फ बोलने को 8 घंटे कुर्सी पे बैठा है।

कैसे हमारे social लाइफ को ख़तम कर रहा है।

आज कल तो कोई social लाइफ बची ही नहीं है। एक परिवार की बात करे तो कहनेको साथ बैठते है लेकिन सब अपने अपने मोबाइल फ़ोन में घुसे मिलते है।

तो चाहे वो फैमली टाइम हो या डिनर टाइम बिना फ़ोन के कोई नहीं होता।

सब अपने अपने व्हाट्सप्प ग्रुप्स और सोशल मीडिया पे लगे रहते है।

इस माहौल में वो क्या अपने बच्चो को संस्कार देंगे।

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