क्या है कलयुगका अंत ?महर्षि वेदव्यास जी ने कही कलयुग के लिए ऐ बात।

महर्षि वेदव्यास के अनुसगार 4 युग होते है
1 सतयुग
2 त्रेतायुग
3 द्वापरयुग
4 कलयुग

ये ४ युगो के बारेमे बतया गया है हमें। जो की देवताओ के 12000 दिव्या बर्षो के बराबर होते है। ये चारो के चारो युग एक से ही होते है। शुरुवात सतयुग से और अंत कलयुग से होता है। इन युगो का प्रारम्भ और अंत भ्रह्मा जी के द्वारा किया जाता है।

कलयुग का कड़वा सच।

महर्षि वेदव्यासजी ने काहा है। कलयुग में मनुष्य में वर्ण ब्राह्मण,क्षत्रिये ,वेश्या ,शूद्र आश्रम सम्बंधी प्रबृत्ति नहीं होगी। ग्रंथो और वेदो का पालन कोई नहीं करेगा। बिवाह को धरम नहीं मन जाएगा।

शिष्य गुरुके अधीन नहीं रहेंगे। पुत्र अपने धरम का पालन नहीं करेंगे। कोई किसी भी कुल में पैदा को न हुआ हो। जो बलवान होगा वही श्रेष्ठ होगा। सभी वर्णो के लोग कन्या बेच के निर्बाह्वण करेंगे। कलयुग में थोड़े से धन से मनुष्य में बड़ा घमंड होगा। महिलाओ को अपने केशो पर ही रूपवती होने का अभिमान होगा। वे अपने केशो से ही श्रिंगार करेंगी।

कलयुग में महिलाए लोभी नाटी होंगी। पति और गुरुजनो की आज्ञा का पालन नहीं करेंगी। कटु बचन बोलेंगी अपना पालन खुद करेंगी इतनाही नहीं हमेशा क्रोधमे भरी रहेंगी । महिलाए धनहीन पतिको त्याग देंगी। जो जितना ज्यादा धन देगा वो लोगो द्वारा उतना ही पूजा जाएगा । इस समाये लोग पैसो के कारन या अपने स्वार्थ के लिए ही सम्बन्ध रखेंगे। द्रव्य राशि घरबनाने में ही ख़तम हिजाएंगे। कोई दान पुण्य में रूचि नहीं रखेगा। और बुद्धि दुसरो से अधिक धन कैसे प्राप्त करे। इसी सोच में लगी रहेगी।

कलयुग की महिलाए अपने इक्षा से आचरण करेंगी। हाव भाव और विलाश में ही उनका मन लगा रहेगा। अन्याए से धन प्राप्त करने वाले पुरषोंमे उनकी रूचि रहेगी। लोग एक एक पैसे के लिए दुसरो का बुरा करने से नहीं कतराएंगे।

इस युग में लोग समान्ता का दावा करेंगे। गायो के प्रति गौरव तवी तक रहेगी जब तक वो दूध देती रहेंगी। किसान बाढ़ और सुखे से परेशान रहेंगे सब की नेत्र आकाश के ओर लगे रहेंगे। कलयुग में सदा आकाल ही पड़ता रहेगा। ब्रह्मचारी लोग वेदो में कहे गए ब्रत का पालन किये बिना ही वेद अध्यापन करेंगे। सन्याशी भी मित्र आदि के स्नेह बंधन में बढे रहेंगे। भूमि बंजर होने लगेगी। पुत्र अपने पिता आज्ञा के बिना ही उनकी सम्पति हड़प लेंगे। जो सदाचार से भरस्ट है सुखी होंगे।

राजा प्रजाकी रक्षा न करके बल्कि tax के बहाने प्रजा के धन की अपहरण करेंगे उनको लूटेंगे। घोर कलयुग आनेपर इन्शान 20 वर्ष से अधिक जीवित नहीं रह पाएगा। लोग घुटनो तक बस्त्र पहनेंगे।

इस समय कोई सच्चा ब्राह्मण नहीं होगा। चोर राजा जैसे बर्ताव करेंगे और राजा चोर जैसे। सूद्र वक्ता होंगे और ब्राह्मण चांडाल होजाएंगे। साधुओ के स्वभाव में परिबर्तन होने लगेगा। कोई अपने धरम का पालन नहीं करेगा।

कलयुग में समय के साथ साथ मनुष्य बर्तमान ही सच मानेंगे। जब पृथ्वी पर जरुरत से ज्यादा पाप बढ़ जाएगा तब इसका संघार कर दिया जाएगा

पुरुष होंगे स्त्रीओ के आधीन। हर घरमे पत्नी ही पति पर राज करेगी। पातियो की हालत नोकरो के सम्मान हो जाएगी।

गंगा भी लौट जाएगी मतलब बिलुप्त होजाएगी।

अन्न और फल नहीं मिलेंगे। धरती पर एक समय ऐसा आएगा जब अन्न ,फल ,सब्जी कुछ नहीं मिलेगा। इस युग में समाज हिंसक होजाएगा। आजीबो गरीब बिमारिओ से लोग पीड़ित रहेंगे। रिश्ते खत्म होजाएंगे एक भाई दूसरे भाई का क़त्ल करनेको त्यार होजाएगा। इस समय चोरो और अपराधियों की संख्या बहत अधिक बढ़ जाएगी।

कलयुग के अंतिम काल में भगवन विष्णु का अवतार होगा। जिको कल्कि अवतार से जाना जाएगा। ये अवतार विष्णुयशा नामक ब्राह्मण के घर होगा। ये सिर्फ 3 दिनों के भीतर समस्त अधर्मियों का नाश क्र देंगे। समस्त पृथ्वी पर पानी पानी होजाएगा जिससे समस्त प्राणियों का नाश होजाएगा और एक साथ 12 सूर्योदय होगा जिससे पृथ्वी पूरी तरह सुख जाएगी।

तो ये होगा कलयुग में। हमें त्यार होजाना चाहिए क्यों की ये समय हमरे बिलकुल पास आगया है।

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